नंददेवी महोत्सव नैनीताल उत्तराखंड 2017

नंददेवी महोत्सव नैनीताल उत्तराखंड 2017

कुमाऊं डिवीजन का सबसे अच्छा ज्ञात मेला नंदा देवी मेला है। यह अलमोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, भोवली, कोट (डोंगोली) और सितंबर माह के दौरान कुमाऊं के जौहर (मिलम और मार्टली जैसे) के दूर-दराज गांवों में भी आयोजित किया जाता है।
मुख्य मेला का आयोजन अल्मोड़ा शहर में किया जाता है, चूंकि यह चन्द राजाओं ने इस स्थान पर शासन किया था। यह माना जाता है कि ‘नंद’ चंद वंश के परिवार की देवी थीं। शब्द ‘नंद’ शब्द का अर्थ समृद्धि है। अल्मोड़ा में ‘नंद’ का मंदिर सोलहवीं शताब्दी में  इस जगह के तत्कालीन शासक डाइट चंदा ने बनाया था। वर्तमान में यह मंदिर त्योहार का मुख्य हिस्सा है। त्योहार की अवधि पांच दिन है और इस त्योहार में करीब पच्चीस हजार लोग पर्यटक आते हैं।
नंददेवी मेले नैनीताल में भी बहुत धूम धाम से मनाया जाता  है, यह मेला श्री राम सेवक सभा , नैनीताल के द्वारा आयोजित किया जाता है  इसमें नंदा देवी मंदिर मे एक सप्ताह का त्यौहार मनाया  जाता हैं और आखिरी दिन माँ नंदा देवी का महान जुलूस पुरे शहर मे घुमाया जाता है. यह त्यौहार पारंपरिक ढंग में आयोजित किया जाता है। पूरे शहर को  दुल्हन की तरह सजाया जाता है यह त्यौहार कई पारंपरिक नृत्य और गायन कार्यक्रमों की मेजबानी करता है। श्रद्धालु भरी मात्र मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं

कार्यकर्म : नंदा देवी मेला
स्थान : नैनीताल
मेले की अवधि : 5 दिन ( 26 अगस्त से 1 सितम्बर)