अपण पहैडि थाई का प्रदर्शन

अपण पहैडि थाई का प्रदर्शन

आम्रपाली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में कुमाओनी व्यंजनों को इतालवी स्वाद देने के बाद भी, यह पहाड़ी रूप में परोसा गया। हालांकि आकर्षक सजाए गए भोजन के नाम, अपण पहैडि दुकान में अंग्रेजी में लिखे गए थे लेकिन मेज पर कुमाऊनी नाम से ही पेश किये गए।
अपण पहैडि थाई , अर्थात्, हमारी पहाड़ी थाली में कई व्यंजन एक नए तरीके से प्रस्तुत किये गए । शुरुवात में, बुरांश का स्वागत पेय , आलूक गुटूक, गेथिक सलाद, पहाड़ी डेलोकसूप (गेहेत और भट्ट की दाल के साथ बनाया गया) से स्वाद में वृद्धि हुई। सूप के साथ मुदवे की रोटी और स्टिक्स बहुत से पहाड़ी मक्खन के साथ , जाकी वाव, पहाड़ी कुडुक, मडुवेएक बसकुइट, मडुवे मफिन मडुवेएक पास्ता खाने के लिए परोसा गया था। इसके दौरान, लंबे समय के बाद रेव्योली पास्ता, बंदुली भात और मशरूम रिसोटो जिसे मशरूम के साथ बनाया गया था , मेहमानों द्वारा बेहद पसंद किया गया।
अंत में, मीठी पकवान जिसे मडुवे का आटा, दूध-चावल-गुड़ और काले सफ़ेद तिल के साथ तैयार किया गया था और इसे चोलिया रोल नाम दिया गया है, जो कुमाऊनी में, “बुरसस दगड़ छोलिया काठि” कहलाता है , मेहमानों को संतुष्ट करने में सफल रहा। इस प्रयोग ने वहां मौजूद विद्यार्थियों को कई चीजें सीखने को मिली ।
विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक भोजन को पर्यटकों की मांग के मुताबिक भेंट किया जाना चाहिए और इसी तरह हम पर्यटन के क्षेत्र में विकास कर सकते हैं।

Pahadi Thali Won Hearts

Even after giving Italian flavour to the Kumaoni cuisine in Amrapali Group Of Institutions, it was served in Pahadi form. Though names of the attractively decorated cuisine in the shop, अपण पहैडि दुकान were written in English but on the table the names were given in Kumaoni.
Many dishes in the अपण पहैडि थाई, that is, Our Pahadi Thali were presented in a new different way. Starting with the welcome drink of Burash, आलूक गुटुक, गेठिक सलाद, पहाड़ी दलोोकसूप (made with gehet and bhatt lentils) contributed in increasing the taste. Along with the soup Mudwe ki bread and sticks with a lot of hilly butter, जाकि वाव, पहाड़ी कुडुक, मड़ुवेोक biscuit, मडुवे muffin मड़ुवेोक pasta was served to eat. During the event, after a long time Ravyoli Pasta, बंदुली भातand Mushroom Risoto prepared with mushroom, was loved by the guests.
In the end, the sweet dish that was prepared with मडुवे का आटा, milk-rice-jaggery and black sesame and was named Cholia Roll that is, in Kumaoni, बुरांश दगड़ छोलिया काठि satisfied the guests. This experiment taught many things to the students present there.
According to experts, the traditional food should be served according to the demand of the tourists and that’s how we can develop in the field of tourism.